Ayodhya : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दानपात्रों से जुड़े कथित गबन मामले में अब तक का सबसे बड़ा और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, विशेष जांच दल की तफ्तीश में यह बात सामने आ रही है कि इस संगठित गिरोह ने महाकुंभ के दौरान मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बढ़े हुए चढ़ावे का जमकर फायदा उठाया। शुरुआती जांच के अनुसार, महाकुंभ का कालखंड इन चंदा चोरों के लिए किसी ‘स्वर्णिम काल’ जैसा साबित हुआ, जहां भारी-भरकम राशि की गिनती के दौरान बेहद शातिर तरीके से हर दिन 10 से 15 लाख रुपये की नकदी गायब की जाती रही।

दान राशि बढ़ी और आरोपियों ने उठाया फायदा
दरअसल, महाकुंभ के दौरान देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु उत्तर प्रदेश पहुंचे थे। प्रयागराज में आस्था की डुबकी लगाने के बाद लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने अयोध्या का रुख किया और प्रभु श्री रामलला के दरबार में दिल खोलकर दान अर्पित किया। इस दौरान आम दिनों की अपेक्षा चढ़ावा कई गुना बढ़ गया था और रोजाना करोड़ों रुपये की नकदी और आभूषण दानपात्रों में आ रहे थे। गिनती लंबी चलने के कारण आरोपियों को हेरफेर करने का पूरा मौका मिल गया और उन्होंने इस दौरान बड़े पैमाने पर गबन की वारदात को अंजाम दिया।

असली जेवर पार कर रखा गया नकली सोना!
इस घोटाले की कड़वी हकीकत यहीं खत्म नहीं होती। सूत्रों से मिल रही बेहद चौंकाने वाली जानकारी के मुताबिक, गिरोह ने केवल नकदी पर ही हाथ साफ नहीं किया, बल्कि दान में आए बेशकीमती सोने-चांदी के जेवरातों को भी पार कर दिया। आरोप है कि शातिरों ने दानपात्र से असली सोने के जेवरात गायब कर दिए और उनकी जगह हुबहू दिखने वाले नकली आभूषण रख दिए ताकि किसी को शक न हो। इस खुलासे के बाद राम मंदिर के प्रमुख सुरक्षा चक्र, सीसीटीवी सर्विलांस और बैंक कर्मियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसआईटी आज इस मामले में नए इनपुट्स के साथ रामजन्मभूमि परिसर में गहन तफ्तीश करने जा रही है।

राम मंदिर चढ़ावा कांड में महा-खुलासा, महाकुंभ के दौरान रोज उड़े 10-15 लाख

शेयर करना
Exit mobile version