अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और गबन के मामले के बाद प्रशासनिक पारदर्शिता लाने के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। 5,300 से अधिक आवेदनों में से 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिनका इंटरव्यू चल रहा है। इस रेस में दो अधिकारी सबसे आगे बताए जा रहे हैं—पूर्व आईपीएस राजेश कुमार पांडेय और अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा।

सबसे आगे चल रहे दो दावेदार कौन हैं?

राजेश कुमार पांडेय 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं और 80 से ज्यादा एनकाउंटर करने के लिए उनकी खास पहचान रही है। वे एसटीएफ और एटीएस के संस्थापक सदस्यों में रहे और कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के खिलाफ अभियान का नेतृत्व किया। उन्हें तीन बार राष्ट्रपति का वीरता पुरस्कार मिल चुका है। करीब 32 साल की सेवा के बाद 2021 में वे आईजी-इलेक्शन सेल पद से सेवानिवृत्त हुए।

योगेश्वर राम मिश्रा 2005 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सबसे अहम बात यह है कि वे अयोध्या के डीएम रह चुके हैं। वे बाराबंकी और वाराणसी के भी जिलाधिकारी रहे। वाराणसी के बाद वे मिर्जापुर, बस्ती और गोंडा मंडल के कमिश्नर भी रहे। मिर्जापुर में रहते हुए उन्होंने विंध्य धाम कॉरिडोर की जमीन अधिग्रहण का काम रिकॉर्ड समय में पूरा कराया था। धार्मिक पर्यटन और बड़ी भीड़ के प्रबंधन की उनकी जमीनी समझ उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है।

इंटरव्यू में क्या पूछा जा रहा है?

चयन समिति ने उम्मीदवारों के लिए 34 सवालों का एक खास प्रारूप तैयार किया है। इसमें सिर्फ प्रशासनिक अनुभव ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और जीवनशैली से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। उम्मीदवारों से पूछा जा रहा है कि क्या वे चोटी रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं, शाकाहारी हैं या मांसाहारी और क्या वे खुद को ‘कट्टर हिंदू’ मानते हैं। इसके अलावा उनसे बड़े आयोजनों को संभालने का अनुभव, भीड़ प्रबंधन की समझ, नेतृत्व क्षमता और राम मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कार्ययोजना भी पूछी जा रही है।

कैसे हो रहा है चयन?

मंगलवार को 10 उम्मीदवारों का इंटरव्यू बंद कमरे में ‘ग्रीन हाउस’ में हुआ। उम्मीदवारों को मीडिया से बात न करने का निर्देश दिया गया है और पहले उन्हें पूरे मंदिर परिसर का दौरा भी कराया गया। तीन सदस्यीय चयन समिति, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं, दो नामों का पैनल तैयार करेगी। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इन दोनों का अंतिम इंटरव्यू लेगा और एक को चुनकर तीन साल के लिए सीईओ नियुक्त करेगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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