नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, उनके साथ AAP के दो और बड़े सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है।
AAP अपने सिद्धांतों से भटक चुकी है
बीजेपी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा, आम आदमी पार्टी अब उन सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुकी है जिनके लिए हमने शुरुआत की थी। आज यह पार्टी केवल अपने निजी हितों के लिए काम कर रही है।
चड्ढा ने पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “आज आम आदमी पार्टी ‘करप्ट’ (भ्रष्ट) लोगों के हाथों में है। हम लोग अपना करियर छोड़कर देश सेवा के लिए आए थे, लेकिन जिस तरह से पार्टी चल रही है, उससे मोहभंग हो गया है।”
पीएम मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा
बीजेपी ज्वाइन करने के पीछे का कारण बताते हुए राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “मुझे पीएम मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। देश जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, उसमें अपना योगदान देने के लिए मैं अब सीधे जनता के बीच जा रहा हूं।
पार्टी से दूर हो रहे हैं लोग
राघव चड्ढा ने दावा किया कि केवल वे तीन सांसद ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज हैं और लगातार पार्टी से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने कहा, आज जो भी ईमानदार व्यक्ति पार्टी से जुड़ा था, वह घुटन महसूस कर रहा है और पार्टी छोड़कर बाहर आ रहा है।
AAP के लिए बड़ा संकट
राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे प्रमुख चेहरों का एक साथ पार्टी छोड़ना आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस घटनाक्रम से दिल्ली और पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।



