उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य में जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची में मौजूद दोहरी प्रविष्टियों को हटाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दोहरी प्रविष्टियों की पहचान और उनके निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बता दें, निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार, मतदाता सूची से दोहरे या फर्जी नामों को हटाने की प्रक्रिया फॉर्म-7 के माध्यम से पूरी की जाएगी। इस कार्य के लिए बूथ लेवल अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। बीएलओ घर-घर जाकर और स्थानीय स्तर पर सत्यापन कर दोहरी प्रविष्टियों को चिह्नित करेंगे। इसके साथ ही प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि फॉर्म-7 के जरिए किसी का नाम कटवाने के लिए झूठी या गलत आपत्ति दर्ज कराई जाती है, तो संबंधित आवेदक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रक्रिया को गति देने और आम नागरिकों को सहूलियत प्रदान करने के लिए पूरे प्रदेश में 24 अक्टूबर 2026 को विशेष अभियान दिवस आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नागरिक अपने मतदाता कार्ड से जुड़ी आपत्तियों और सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे। आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर 2026 को आलेख्य मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सियासत का पैंतरा या सूची में भारी झोल? सच कब बताएगा आयोग, कब खुलेगी पोल? | THE DEBATE |

शेयर करना
Exit mobile version