Hathras News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 100 वर्षीय जमीला बेगम को परिजनों ने मृत समझ लिया और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई, लेकिन करीब एक घंटे बाद उनकी सांसें दोबारा चलने लगीं। इसके बाद परिवार में मातम का माहौल खुशी में बदल गया।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सहपऊ कस्बे में रविवार सुबह यह घटना सामने आई। कस्बे के मोहल्ला बनियाना में रहने वाली 100 वर्षीय जमीला बेगम पत्नी सूखे खां को परिजनों ने मृत समझ लिया था। इसके बाद परिवार के लोगों ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। रिश्तेदारों को भी उनके इंतकाल की सूचना दे दी गई। खबर सुनकर नाते-रिश्तेदार घर पहुंचने लगे।

अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच चलने लगीं सांसें

परिजन जमीला बेगम के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। उन्हें कब्रिस्तान में दफनाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान करीब एक घंटे बाद अचानक जमीला बेगम की सांसें चलने लगीं। उन्हें दोबारा सांस लेते देख वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। परिवार में शोक का माहौल अचानक खुशी में बदल गया।

चार-पांच महीने से चारपाई पर थीं जमीला बेगम

बताया जा रहा है कि 100 वर्षीय जमीला बेगम पिछले चार-पांच महीनों से चारपाई पर ही लेटी हुई थीं। उम्र अधिक होने के कारण वह खुद उठकर चलने-फिरने में असमर्थ थीं। परिजन उनकी देखभाल करते थे। रविवार सुबह अचानक उन्हें मृत समझ लिया गया, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया।

बेटे ने बताई पूरी घटना

जमीला बेगम के बड़े बेटे टिम्मा ने बताया कि रविवार सुबह उनकी मां की मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सभी नाते-रिश्तेदारों को सूचना दे दी थी। उनकी तीनों बेटियां और दामाद भी घर पहुंच चुके थे। जमीला बेगम को नहलाने और अन्य रस्में पूरी करने के दौरान अचानक उनकी सांसें दोबारा चलने लगीं। इसके बाद उन्हें तुरंत वापस चारपाई पर लिटा दिया गया।

इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। हालांकि, ऐसी स्थिति में व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच से ही की जा सकती है।

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