आजकल युवाओं में मोबाइल फोन और इंटरनेट की लत इस हद तक बढ़ गई है कि वे रात-रात भर जागकर सोशल मीडिया की दुनिया में खोए रहते हैं। इसके अलावा ब्रेकअप जैसी मानसिक चुनौतियों के कारण युवा रातभर रोने और तनाव में समय बिताते हैं। इन गंभीर मुद्दों पर चिंता जताते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि रामायण और श्रीमद्भगवद गीता का पन्ना तो रातभर में खत्म हो सकता है, लेकिन सोशल मीडिया की रीलों का पन्ना कभी खत्म नहीं होता। युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि रिश्ते और जोड़ियां ईश्वर तय करते हैं, इसलिए इसकी चिंता छोड़कर ज्ञान और अपने भविष्य की ओर ध्यान देना चाहिए।
गुरुवार को विश्वविद्यालय में मोबाइल मेडिकल वैन के शुभारंभ समारोह के अवसर पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने शिक्षकों को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि बच्चों पर पढ़ाई और नंबरों का बोझ बहुत लादा जा रहा है, जबकि जरूरत इस बात की है कि बच्चों पर ‘ज्ञान का झंझट’ लादा जाए और मार्कशीट के तनाव को खत्म किया जाए। कबीरदास और रहीमदास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वे किसी बड़े विश्वविद्यालय के टॉपर नहीं थे, फिर भी आज उनके दोहे पूरी दुनिया में गाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय बदल चुका है, यदि आपके पास ज्ञान (सरस्वती) है, तो धन (लक्ष्मी) अपने आप आ जाता है।
इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, गोल्डी मसाले समूह के निदेशक सुदीप गोयनका और विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने हरी झंडी दिखाकर ‘मोबाइल मेडिकल वैन’ का लोकार्पण किया। यह वैन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जाकर लोगों को ब्लड शुगर, बीपी, ईसीजी, रक्त जांच और नेत्र परीक्षण जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराएगी।



