हैदराबाद/नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आसिम वक़ार ने हैदराबाद के सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। आसिम वक़ार ने 2023 में संसद से पारित एक बिल का जिक्र करते हुए कहा कि ओवैसी इस मुद्दे पर लोगों के सामने गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में आंकड़ों का हवाला देते हुए ओवैसी को चुनौती भी दी।
2023 के बिल को लेकर ओवैसी पर साधा निशाना
आसिम वक़ार के मुताबिक, ओवैसी आजकल मुसलमानों को यह कहकर भड़का रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार से जुड़े बिल को उनके विरोध के बावजूद 2023 में कांग्रेस ने पारित करवाया था। वक़ार ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिल पारित होने से पहले मोदी सरकार ने विपक्ष के 146 सांसदों को निलंबित कर दिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम को लेकर ओवैसी लोगों के सामने पूरी जानकारी नहीं रख रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
TRS-BRS और AIMIM के समर्थन को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता आसिम वक़ार ने अपने बयान में तत्कालीन TRS, जिसे बाद में BRS के नाम से जाना गया, का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि निलंबित सांसदों में TRS-BRS के सांसद भी शामिल थे और उस समय पार्टी को AIMIM का समर्थन हासिल था।
वक़ार ने आरोप लगाया कि TRS के बीजेपी को सहयोग करने के बावजूद ओवैसी ने उसका विरोध नहीं किया और उसके साथ बने रहे। इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने ओवैसी की राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए।
मुसलमानों से की अपील, बोले- बहकावे में मत आना
आसिम वक़ार ने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता लोगों को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
वक़ार ने अपने बयान में कहा कि मुसलमानों को राजनीतिक मुद्दों पर तथ्यों के आधार पर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को गुमराह करने के बजाय पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने रखनी चाहिए।
आसिम वक़ार की ओवैसी को खुली चुनौती
अपने बयान के आखिर में कांग्रेस नेता ने असदुद्दीन ओवैसी को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर सांसद उनके आंकड़ों को गलत साबित कर देते हैं, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
आसिम वक़ार के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। फिलहाल, इस चुनौती पर असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।



