कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) गुट को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। अदालत ने पार्टी के उन तीन बैंक खातों से राशि निकालने की अनुमति दे दी है, जिन्हें पिछले दिनों बिधाननगर पुलिस द्वारा फ्रीज कर दिया गया था। कोर्ट का यह फैसला पार्टी के दैनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

क्या था मामला?

18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इन बैंक खातों का उपयोग अपराध से प्राप्त धन को रखने के लिए किया जा रहा था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों खातों को फ्रीज कर दिया था, जिसके बाद से पार्टी के लिए दैनिक खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया था।

अदालत की शर्तें और स्पेशल ऑफिसर की नियुक्ति

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने रिटायर्ड जज सुब्रत तालुकदार को ‘स्पेशल ऑफिसर’ नियुक्त किया है। 30 सितंबर, 2026 तक ये स्पेशल ऑफिसर पार्टी के दैनिक और कानूनी खर्चों की निगरानी करेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पार्टी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता चेक स्पेशल ऑफिसर के सामने पेश करेंगे, जिसके बाद ही बैंक से राशि कैश कराई जा सकेगी। इसके अलावा, स्पेशल ऑफिसर को प्रति माह 1.25 लाख रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा।

पुलिस जांच पर असर नहीं

अदालत ने यह सुनिश्चित किया है कि इस राहत के बावजूद पुलिस की जांच में कोई बाधा न आए। कोर्ट ने बैंक अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे खातों के सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और बैंकिंग डेटा को सुरक्षित रखें और चल रही पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग करें। हाई कोर्ट के इस आदेश ने फिलहाल ममता बनर्जी की पार्टी को बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक राहत दी है।

UP Weather news : मूसलाधार बारिश से खुली सरकार की पोल, प्रशासन बेखबर, जनता बेहाल...

शेयर करना
Exit mobile version