भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने एनालॉग पनीर पर रोक लगाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में प्राकृतिक दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि दूसरे राज्यों की स्थिति को देखते हुए सरकार ने एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य दूध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और ऐसे उत्पादों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद इसके मध्य प्रदेश में डंप होने की संभावना बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री को लेकर FSSAI के दिशा-निर्देश मौजूद हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों को तुरंत इसे बंद करना होगा, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि खाद्य विभाग लगातार “शुद्ध के लिए युद्ध” अभियान के तहत कार्रवाई कर रहा है। त्योहारों के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध लागू होने के बाद भी एनालॉग पनीर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे उत्पादों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा।



