बरेली। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के फरार होने के बाद उत्तर प्रदेश के बरेली में उनके रियल एस्टेट कारोबार पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। मंत्री द्वारा 15 अक्टूबर को पति के खिलाफ उत्पीड़न, एससी-एसटी एक्ट और फर्जीवाड़ा कर कंपनी के निदेशक पद से हटाने की प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद, पप्पू गिरधारी की साझेदारी वाली 800 करोड़ रुपये की ओमेक्स आवासीय परियोजना कानूनी पेंच में फंसती नजर आ रही है।

बता दें, बरेली-सीतापुर हाईवे पर लालपुर-अधलखिया गांव के पास करीब 71.78 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित इस ओमेक्स टाउनशिप प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) में जमा की गई है। इस वृहद परियोजना में गिरधारी लाल साहू आठवें साझेदार के रूप में दर्ज हैं, जिनके नाम 1.848 एकड़ (0.7477 हेक्टेयर) भूमि का स्वामित्व है। नीति के अनुसार ओमेक्स के न्यूनतम 60 प्रतिशत भूमि स्वामित्व की शर्त को पूरा करने में इस जमीन को भी शामिल किया गया है।

पति-पत्नी के बीच जारी तीखे कानूनी विवाद और फर्जीवाड़े के आरोपों के बाद अब प्राधिकरण स्तर पर सभी साझेदारों के भूमि स्वामित्व और कागजातों की गहन जांच की जा रही है। इसके अलावा, लालपुर गांव में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बनाए गए 3 एकड़ के अवैध फार्म हाउस पर भी गाज गिर सकती है। 800 करोड़ की इस भव्य परियोजना पर उठे इन कानूनी सवालों ने निवेशकों और रियल एस्टेट बाजार में भारी हलचल पैदा कर दी है।

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