उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बड़ा फेरबदल करते हुए एक झटके में 26 थानों के प्रभारी बदल डाले हैं। इस नई तैनाती सूची के तहत 11 इंस्पेक्टरों और 15 दरोगाओं को थानों की कमान सौंपी गई है, जबकि 5 दरोगाओं को चौकी का चार्ज दिया गया है। वहीं, लापरवाही और विवादों में घिरे 4 पुलिसकर्मियों (दो इंस्पेक्टर और दो दरोगा) को लाइन हाजिर किया गया है, और तीन इंस्पेक्टरों को अन्य जनपदों के लिए रिलीव कर दिया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक, महर्षि वाल्मीकि जयंती के मद्देनजर अधिकारियों को दो दिन बाद चार्ज ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल में खरखौदा थाना प्रभारी समयपाल सिंह को कोतवाली, कंकरखेड़ा से सुमन कुमार को कंकरखेड़ा, जानी से गौरव विश्नोई को सिविल लाइंस और साइबर थाना प्रभारी महावीर सिंह को मेडिकल थाने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, इस तबादला सूची के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि कई ऐसे अधिकारियों को मलाईदार थानों की कमान सौंप दी गई है जिन पर पहले से गंभीर आरोप या दाग रहे हैं।

विवादों में घिरे अधिकारियों की तैनाती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उदाहरण के तौर पर, मेडिकल क्षेत्र की के-ब्लॉक चौकी प्रभारी राहुल कुमार ( जिन्हें पहले नोएडा से बैड एंट्री मिली थी) को देहलीगेट थाना प्रभारी बना दिया गया है। इसी तरह, मुंडाली में बच्चे की हत्या के मामले में फजीहत झेल चुके देवेंद्र मिश्रा को मवाना का थानाध्यक्ष बना दिया गया है, जबकि यह थाना इंस्पेक्टर स्तर का है। इसके अलावा, टीपीनगर में फायरिंग के मामले में चर्चा में रहे एसएसआइ दुष्यंत कुमार को हस्तिनापुर का एसओ और अन्य विवादित अफसरों को नई थानेदारी मिलने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

"कांग्रेस 'अपशब्द' का पर्याय बन चुकी है!" खरगे के बयान पर CM योगी का बड़ा हमला

शेयर करना
Exit mobile version