उत्तर प्रदेश के कालीन नगरी भदोही में 50वें इंडिया कार्पेट एक्सपो का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय मेले में हस्तशिल्प और कालीन उद्योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने के लिए 227 स्टॉल लगाए गए हैं। कार्यक्रम में दुनिया भर के 65 देशों से 430 खरीदार हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें से 106 विदेशी खरीदार खास तौर पर भदोही एक्सपो में पहुंचे हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बदलते माहौल और विकास यात्रा पर अपनी बात रखी। उन्होंने पिछली सरकारों की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य बनाकर रख दिया गया था। पहले राज्य में सुरक्षा का कोई माहौल नहीं था, बात-बात पर दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। इस वजह से प्रदेश के युवाओं और कारीगरों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता था।
सीएम योगी ने कहा कि पहले के दौर में किसान आत्महत्या करने पर विवश थे और कारीगरों के हाथों में काम नहीं था। लोगों को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान तक छुपानी पड़ती थी, लेकिन आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है। सरकार की बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-हितैषी नीतियों के कारण अब राज्य में बड़े-बड़े निवेशक आ रहे हैं और यूपी की अपनी एक नई वैश्विक पहचान बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने स्थानीय कारीगरों के हुनर को सम्मान देने और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का काम किया है। आज भदोही का कालीन उद्योग न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी भारत का नाम रोशन कर रहा है।



