नई दिल्ली/चेन्नई: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का फर्जी अधिकारी बनकर सरकारी सुविधाओं का लुत्फ उठाने वाले एक शख्स का बेहद अनोखे तरीके से भंडाफोड़ हुआ है। तमिलनाडु के पुडुकोट्टई जिले के रहने वाले एलंगोवन नाम के व्यक्ति पर आरोप है कि वह खुद को पीएमओ का अंडर सेक्रेटरी (अवर सचिव) बताकर लगातार फर्जीवाड़ा कर रहा था। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी एलंगोवन खुद को पीएमओ का बड़ा अधिकारी बताकर तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग से विभिन्न मंदिरों के दौरों के दौरान विशेष वीआईपी सुविधाएं और सरकारी प्रोटोकॉल हासिल करता था। विभाग के अधिकारी भी उसे सचमुच का अफसर मानकर उसकी खातिरदारी में जुटे थे।

शादी के कार्ड से हुआ भंडाफोड़
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब HR&CE विभाग के ही एक अधिकारी ने एलंगोवन को असली पीएमओ अधिकारी समझते हुए उसके बेटे की शादी का निमंत्रण पत्र (निमंत्रण कार्ड) सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के पते पर भेज दिया। जब यह शादी का कार्ड पीएमओ पहुंचा और वहां के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि एलंगोवन नाम का कोई भी अधिकारी वहां कार्यरत नहीं है। पीएमओ के अधिकारियों को मामला संदिग्ध लगते ही इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद सीबीआई ने कथित प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन), धोखाधड़ी और सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

BJP New Office Lucknow : जियामऊ में बनेगा नया प्रदेश कार्यालय, जानें क्या होंगी खास सुविधाएं ?

शेयर करना
Exit mobile version