भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि क्वाड समूह आपसी सहयोग को गहरा करने और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ठोस परिणाम हासिल करने के वास्ते पूरी तरह एकजुट है।
राजदूतों की बैठक और आपसी चर्चा
राजदूत गोर का यह बयान तब सामने आया जब उन्होंने भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन और जापान के राजदूत केइची ओनो से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी क्वाड कार्यक्रमों और पहलों की समीक्षा करना था। क्वाड फ्रेमवर्क में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, जो दुनिया भर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए समर्पित हैं।
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने लिखा, “आज भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन और भारत में जापान के एम्बेसडर ओनो केइची के साथ आने वाले क्वाड इनिशिएटिव और मीटिंग्स पर बहुत अच्छी चर्चा हुई। भारत के साथ, हमारे चारों देश एक फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक के लिए आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने और ठोस नतीजे देने के लिए एक साथ हैं।”
मनीला बैठक और ASEAN के साथ साझेदारी
गौरतलब है कि पिछले महीने ही मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल हुए थे। उस दौरान मंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन की एकता और केंद्रीयता के लिए अपने मजबूत समर्थन को दोहराया था।
मनीला बैठक के बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया था कि क्वाड देश समुद्री डोमेन में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। नेताओं ने मैरीटाइम और ट्रांसनेशनल सिक्योरिटी, इकोनॉमिक प्रॉस्पेरिटी, नई टेक्नोलॉजी और ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस जैसे मुद्दों पर व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में चर्चा की थी। क्वाड की यह सक्रियता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता और विकास के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।



