लखनऊ में बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह के घर पर आयकर विभाग ने बड़ी छापेमारी की, जिससे राजनीति में हलचल मच गई है। इस छापे के बाद यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी नाराजगी जताई और आयकर विभाग की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “जिसने भी छापा डलवाया, वह संवेदनहीन है। प्रभु बुद्धि दे।” मंत्री ने यह भी कहा कि कैंसर से पीड़ित उमाशंकर सिंह को भी आयकर विभाग ने नहीं छोड़ा, जो उनकी स्थिति को देखकर शर्मनाक है।
उमाशंकर सिंह, जो कैंसर से पीड़ित हैं और दो ऑपरेशन करा चुके हैं, लखनऊ में अपने घर पर आइसोलेशन में रहते हैं। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, “उमाशंकर मेरे समधी हैं, और उन्हें इलाज के दौरान भी छापे का सामना करना पड़ा। डॉक्टर और नर्सों को उनके घर में आने-जाने से रोका गया, जो निंदनीय है।”
इस छापे के दौरान 50 से अधिक आयकर विभाग के अफसर और पुलिस बल मौजूद थे। यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में सामने आई, क्योंकि उमाशंकर सिंह की गंभीर बीमारी को देखते हुए मंत्री ने इसे संवेदनहीनता करार दिया है।
आयकर विभाग की इस छापेमारी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, और विपक्ष ने भी इस कदम पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल, आयकर विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है और इस छापे से जुड़े दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है।



