वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के जनपदों में सोशल मीडिया पर गैंग बनाकर गिरोह संचालित करने वाले अपराधियों को पकड़ने में पुलिस जुटी हुई है। इस बीच एक ऐसे गैंग का पुलिस को जानकारी मिली, जिससे पुलिस टीम भी हैरान हो गई। दरअसल सोशल मीडिया गैंग बनाकर अपराध करने वालो की तलाश में जुटी पुलिस ने गैंग के सदस्यों के पास से बरामद असलहों की जानकारी इकट्ठा की। पुलिस ने वाराणसी में एक ऐसे गैंग का पता लगाया, जो सोशल मीडिया इंस्ट्राग्राम और व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिए अपराधियों को असलहा सप्लाई करते थे। वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र की पुलिस और SOG टीम ने गैंग की जानकारी होने पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना सहित 7 अवैध असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया।

बनारस और सहित अन्य जनपदों के अपराधियों की बनाते थे लिस्ट…
वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार हुए तस्करों के बारे में डीसीपी काशी जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि असलहा तस्कर गैंग का लीडर हिस्ट्रीशीटर अखिलेश उर्फ मोनू राजभर है। यह गैंग के सदस्यों के साथ वाराणसी सहित आस पास के जनपदों के अपराधियों की लिस्ट बनाता और उनसे सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से संपर्क करता। उनके डिमांड के हिसाब से उन्हें असलहा सप्लाई किया जाता था। असलहे और कारतूस के रेट सहित स्थान इंस्टग्राम और व्हाट्सएप्प चैट से तय किया जाता था।
60 हजार में होती थी पिस्टल की बिक्री….
डीसीपी प्रमोद कुमार के अनुसार अवैध असलहा तस्कर गिरोह के सदस्य अवैध असलहों के साथ कारतूस को बिहार से लाते थे। इनके लिस्ट में शामिल जो भी अपराधी इनसे अपनी आवश्यकता वाले असलहे बताते गैंग के सदस्य बिहार से अवैध असलहा लाकर सप्लाई करते थे। पूछताछ में असलहा तस्कर गैंग के सदस्यों के अनुसार एक पिस्टल की कीमत कम से कम में तय किया जाता था। आरोपियों के पास से एक अदद रिवाल्वर 32 बोर व 06 अदद जिंदा कारतूस 32 बोर, 01 अदद पिस्टल 02 कारतूस 7.65 एमएम, एक अदद तमंचा 315 बोर व 03 अदद जिंदा कारतूस 315 बोर, 01 अदद पिस्टल 9MM 02 अदद जिंदा कारतूस, एक अदद चोरी की मोटर साइकिल व विभिन्न कंपनियों के 06 अदद मोबाइल फोन बरामद हुआ।


