नैनीताल में उत्तर प्रदेश के कुंडा विधायक एवं पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह से जुड़े भूमि प्रकरण में जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। भूमि उपयोग एवं भू-सुधार कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने भूमि के बड़े हिस्से को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश दिए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल की अदालत ने यह निर्णय भूमि उपयोग नियमों के अनुपालन और कृषि एवं बागवानी प्रयोजनों के लिए आवंटित भूमि के उपयोग की जांच के बाद सुनाया। यह मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ था।
जानकारी के अनुसार, करीब दो दशक पहले नैनीताल जिले की कैंची धाम तहसील के सिरटोला गांव में भानवी सिंह के नाम बागवानी प्रयोजन के लिए भूमि खरीदी गई थी। मामले के न्यायालय में पहुंचने के बाद जिला प्रशासन की ओर से भूमि का निरीक्षण कराया गया।
निरीक्षण के दौरान भूमि पर 27 नाशपाती के पेड़ पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर पेड़ों और उनके लिए आवश्यक छह फीट चौड़े पहुंच मार्ग को सुरक्षित रखते हुए 0.0344 हेक्टेयर भूमि भानवी सिंह के पास बनाए रखने का निर्णय लिया गया।
वहीं शेष 0.5206 हेक्टेयर भूमि को राज्य सरकार के पक्ष में निहित करने के आदेश जारी किए गए हैं। कोर्ट ने इस मामले में उद्यान विभाग से हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी मिशन के मानकों के अनुसार एक हेक्टेयर भूमि में संभावित पेड़ों की संख्या संबंधी रिपोर्ट भी मांगी थी। रिपोर्ट के अध्ययन के बाद अंतिम आदेश पारित किया गया।
प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को भूमि उपयोग नियमों के सख्त अनुपालन और बागवानी प्रयोजन के लिए खरीदी गई भूमि के दुरुपयोग पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



