उत्तर प्रदेश के मेरठ में पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाले बहुचर्चित ‘नीला ड्रम कांड’ में अदालत ने ऐतिहासिक और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने ही पति की निर्मम हत्या कर शव को नीले ड्रम में सीमेंट से दबाने वाली दोषी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले की वीभत्सता को देखते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में माना और दोनों दोषियों को फांसी की सजा से दंडित किया।

बता दें, यह कठोर फैसला न केवल न्यायिक प्रक्रिया का उदाहरण है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की वैज्ञानिक और सटीक जांच का भी नतीजा है। मार्च 2025 में जब गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई थी, तब तत्कालीन एएसपी ब्रह्मपुरी (IPS) अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की और ब्रह्मपुरी स्थित मकान से सीमेंट में दबाकर रखा गया नीला ड्रम बरामद कर मामले का पर्दाफाश किया था।

मामले को अंजाम तक पहुंचाने में IPS अंतरिक्ष जैन और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई पुख्ता चार्जशीट की मुख्य भूमिका रही। जांच टीम ने महज 54 दिनों के रिकॉर्ड समय के भीतर करीब 1000 पन्नों की अकाट्य चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। इसमें मेडिकल रिपोर्ट, आला-ए-कत्ल (चाकू) की खरीद का ब्योरा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, लोकेशन ट्रेसिंग और फॉरेंसिक साक्ष्यों को इतनी तकनीकी सटीकता के साथ जोड़ा गया था कि बचाव पक्ष के पास कोई गुंजाइश नहीं बची। इसी मजबूत विवेचना के बल पर अभियोजन पक्ष दोषियों को फांसी तक पहुंचाने में सफल रहा। वर्तमान में एसपी देहात बुलंदशहर के पद पर तैनात IPS अंतरिक्ष जैन और उनकी पूरी टीम की इस उत्कृष्ट जांच के लिए सराहना हो रही है।

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