नई दिल्ली: देशभर में नीट (NEET) परीक्षा और पेपर लीक के मामलों को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़े रहने का फैसला किया है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि मौजूदा राजनीतिक विवाद और विरोध प्रदर्शनों के बीच उनका इस्तीफा लेने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे।
विपक्षी दलों द्वारा लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है और जंतर-मंतर से लेकर देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हालांकि, सरकार की अंदरूनी बैठकों में यह साफ कर दिया गया है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और कानून को और अधिक सख्त बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन किसी के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। हाल ही में मोदी कैबिनेट ने एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष के दबाव में झुकने के मूड में नहीं है। शिक्षा मंत्री के पद पर बने रहने से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सरकार पूरी मजबूती के साथ प्रशासनिक और शैक्षणिक सुधारों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले संसद सत्र में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।



