त्योहारों के सीजन और दिवाली के नजदीक आते ही जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजारों में रौनक बढ़ गई है, वहीं साइबर ठग भी ग्राहकों को शिकार बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। डिस्काउंट, कैशबैक और स्पेशल ऑफर्स के चक्कर में छोटी-सी लापरवाही आम लोगों के बैंक खातों को खाली कर सकती है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने दिवाली की ऑनलाइन खरीदारी के दौरान 5 प्रमुख साइबर फ्रॉड से बेहद सावधान रहने की चेतावनी दी है।
ठगों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे आम तरीका फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स बनाना है। ठग मशहूर ब्रांड्स की हूबहू नकली वेबसाइट्स बनाकर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स पर 80-90% तक की भारी छूट का लालच देते हैं। इसके अलावा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी एड्स के जरिए भी फर्जी साइट्स के लिंक फैलाए जा रहे हैं। पेमेंट करते ही प्रोडक्ट डिलीवरी नहीं होती और ग्राहकों के बैंकिंग विवरण भी चोरी हो जाते हैं।
दूसरा बड़ा खतरा QR कोड और UPI पेमेंट फ्रॉड का है। साइबर ठग अक्सर ‘दिवाली गिफ्ट’ या ‘कैशबैक’ भेजने के नाम पर QR कोड स्कैन करने या UPI PIN डालने को कहते हैं। याद रखें कि पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन करने या UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती है।
तीसरा तरीका फेक डिलीवरी और रिफंड स्कैम का है, जिसमें पार्सल अटकने या ऑर्डर कैंसिल होने का झांसा देकर एक फर्जी लिंक भेजा जाता है। इस लिंक पर बैंकिंग जानकारी डालते ही खाते से पैसे साफ हो जाते हैं। इसके अलावा फेक कैशबैक और गिफ्ट्स के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगने या फर्जी फॉर्म भरवाने का खेल भी जोरों पर है।
इन सभी साइबर फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा कंपनियों की ऑफिशियल वेबसाइट या रजिस्टर्ड ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपने बैंक विवरण या पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करें। सतर्कता ही त्योहारों के इस सीजन में आपकी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रख सकती है।



