दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को मेट्रो स्टेशनों के पेड एरिया में सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर दाखिल याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने DMRC से कहा है कि वह मेट्रो स्टेशनों पर टॉयलेट, बेबी फीडिंग और शिशु देखभाल सुविधाओं को लेकर उचित कदम उठाए, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने अधिवक्ता शन्नू बघेल की ओर से दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। याचिका में मेट्रो स्टेशनों के पेड और अनपेड दोनों क्षेत्रों में साफ-सुथरे और पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने कहा कि मेट्रो स्टेशनों की संरचना और कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाओं की कमी यात्रियों के स्वास्थ्य और कई बार उनकी गरिमा को प्रभावित कर सकती है।

DMRC की ओर से RTI के जवाब में बताया गया था कि सभी मेट्रो स्टेशनों पर शौचालय की सुविधा मौजूद है। पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम उपलब्ध हैं। साथ ही कई स्टेशनों पर निशुल्क टॉयलेट सुविधा भी दी जा रही है।

याचिकाकर्ता ने मेट्रो स्टेशनों पर बेबी फीडिंग और शिशु देखभाल कक्ष उपलब्ध कराने की भी मांग की थी। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि इस संबंध में DMRC को कोई प्रतिनिधित्व दिया जाता है तो उस पर विचार कर उचित कदम उठाए जाएं, लेकिन मेट्रो स्टेशन की कार्यप्रणाली प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

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