कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ नई सड़क इलाके में नौ दिन पहले हुई एक महिला की मौत के मामले में मायके वालों ने पति पर करंट लगाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) के आदेश के बाद शनिवार को बेकनगंज थाना पुलिस ने मजिस्ट्रेट और परिजनों की मौजूदगी में कब्रिस्तान से शव (कंकाल) को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

इस मामले में दिवंगत महिला की 6 वर्षीय मासूम बेटी के बयान ने हत्या के आरोपों को और पुख्ता कर दिया है, जिसके बाद पुलिस गहन जांच में जुट गई है।

2007 में हुई थी शादी, अक्सर मारपीट करता था पति
मिली जानकारी के अनुसार, अनवरगंज आलम मार्केट की रहने वाली निशा कौसर की शादी साल 2007 में नई सड़क रिजवी रोड निवासी सिलाई कारीगर इंतजार अहमद से हुई थी। दोनों के चार बच्चे (दो बेटियां और दो बेटे) हैं।

निशा के भाई आमिर अहमद का आरोप है कि उनका बहनोई इंतजार अहमद अक्सर उनकी बहन को मारता-पीटता था। पूर्व में भी उसने निशा को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया था।

बकरीद से ठीक पहले हुई संदिग्ध मौत, बेटी ने खोला राज
मृतका के भाई आमिर ने बताया कि बकरीद से एक दिन पहले यानी 27 मई की शाम को वह अपनी बहन निशा को खरीदारी कराकर उसकी ससुराल छोड़ आए थे। उस समय घर पर सिर्फ उनकी 6 वर्षीय छोटी भांजी अरबिया मौजूद थी।

फोन पर मिली मौत की खबर: शाम को जब निशा अपने मायके नहीं पहुंची, तो परिजनों ने फोन किया। तब उनके भांजे इमरान ने रोते हुए बताया कि मां को करंट लग गया है और उनकी मौत हो गई है।

पति और किरायेदार महिला फरार: मायके वालों का आरोप है कि वारदात के बाद से ही बहनोई इंतजार और घर में रहने वाली एक किरायेदार महिला मौके से फरार हैं। दोनों ने मिलकर निशा को पहले बुरी तरह पीटा और फिर करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी।

6 साल की बेटी की गवाही: घटना के दो दिन बाद मृतका की 6 वर्षीय बेटी अरबिया ने अपने ननिहाल वालों को बताया कि पापा ने मम्मी को बहुत बेरहमी से पीटा था। इस खुलासे के बाद मायके वालों के होश उड़ गए।

पुलिस को बिना सूचना दिए दफनाया गया था शव
बेकनगंज थाना प्रभारी मतीन खान ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना के समय पुलिस को मौत की कोई सूचना नहीं दी गई थी और मायके वालों ने ही शव को सुपुर्द-ए-खाक (दफनाया) किया था।

कब्र खोदकर निकाला गया कंकाल: बाद में जब मासूम बेटी ने मारपीट की बात बताई, तो परिजनों ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कब्र खुदवाकर निशा का कंकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

हालांकि, पोस्टमार्टम हाउस में पुलिसकर्मियों को मेडिकल कॉलेज से औपचारिक पत्र लिखवाने के बाद आगे की फोरेंसिक कार्रवाई की बात कही गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट होगा और उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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