रिपोर्ट : हरिपाल,पीलीभीत
पीलीभीत। जिले की बीसलपुर तहसील में कथित अवैध वसूली और भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। समाधान दिवस के दौरान वकीलों ने जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि तहसील में सामान्य राजस्व कार्यों के लिए खुलेआम मनमानी वसूली की जा रही है। वकीलों ने तंज भरे अंदाज में मांग की कि यदि बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है तो तहसील परिसर में ही कामों के बदले ली जाने वाली ‘रिश्वत की रेट लिस्ट’ चस्पा कर दी जाए।
वसीयत और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों में वसूली का आरोप,
अधिवक्ताओं का आरोप है कि वसीयत, दाखिल-खारिज समेत कई सामान्य कार्यों के लिए लोगों से तय प्रक्रिया से हटकर मनमाने तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे आम जनता को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एसडीएम और तहसीलदार के कथित निजी लोगों पर आरोप,
ज्ञापन में वकीलों ने आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार के कथित निजी लोगों के माध्यम से अवैध वसूली कराई जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
डीएम को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग
समाधान दिवस में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए तहसील में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
प्रशासन के जवाब का इंतजार,
फिलहाल इस मामले में डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए वकीलों की बातचीत का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है । जिसमें वकील एसडीएम समेत अधिकारियों पर कामों के बदले रिश्वत की बात कहते साफ दिख रहे है । हालांकि प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



