कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसे में एक नया मोड़ सामने आया है। बचाव पक्ष के वकील मृत्युंजय ने दावा किया है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, वह शिवम मिश्रा नहीं, बल्कि उसका ड्राइवर चला रहा था। वकील ने यह भी कहा कि शिवम की तबीयत अक्सर खराब रहती है और इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है। वहीं, पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस ने तंबाकू व्यापारी के घर जाने की हिम्मत नहीं जुटाई, जबकि तंबाकू व्यापारी की ताकत के सामने पुलिस पूरी तरह से लाचार दिखी।

लेकिन इस पूरे मामले में कुछ सवाल अब भी जस के तस बने हुए हैं:

▪️ एफआईआर में शिवम का नाम क्यों गायब है?
▪️ मेडिकल जांच क्यों नहीं की गई?
▪️ जांच के नाम पर सिर्फ दिखावा क्यों?
▪️ अब क्या “ड्राइवर” को आगे कर बचाव की कोशिश की जा रही है?

जहां एक तरफ इस गाड़ी से कई गरीब कुचले गए थे, वहीं इस मामले में आरोपी को बचाने के लिए पूरा सिस्टम सक्रिय दिखाई दे रहा है। गरीबों पर पुलिस की सख्ती तो देखने को मिलती है, लेकिन तंबाकू कारोबारी के बेटे के खिलाफ पुलिस पूरी तरह से लाचार नजर आ रही है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या अब कोई ड्राइवर अपने सिर पर इल्ज़ाम लेने को तैयार है? इस घटना ने कानून और न्याय व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रईसजादे को बचाने में जुटी Kanpur Police,आखिर कहाँ है आरोपी शिवम मिश्रा ? | UP News |

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