उन्नाव: सोहरामऊ थाना क्षेत्र के ठकुराईनखेड़ा गांव में किसान कन्हैयालाल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, जमीन के विवाद में किसान के चचेरे साले नागेंद्र ने 25 हजार रुपये की सुपारी देकर अपने जीजा की हत्या कराई थी। पुलिस ने सुपारी किलर समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। वहीं, घटना से पहले किसान की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने के मामले में डीजीपी राजीव कृष्णा ने सोहरामऊ थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय को निलंबित कर दिया है।
जमीन के विवाद में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, ठकुराईनखेड़ा निवासी कन्हैयालाल का जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर अपने चचेरे सालों से लंबे समय से विवाद चल रहा था। लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के मरुई गांव निवासी नागेंद्र, सुशील और भूपेंद्र ने जमीन के बदले कन्हैयालाल को रुपये दिए थे। आरोप है कि काफी समय बीतने के बावजूद न तो उन्हें जमीन मिली और न ही रुपये वापस किए गए।
इसी विवाद को लेकर आरोपियों में नाराजगी थी। कई बार आपसी समझौते के प्रयास हुए, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद जीजा की हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, जिसके बाद सुपारी देकर हत्या कराने का मामला सामने आया।
अपनी दुकान पर काम कर चुके कर्मचारी को दी सुपारी
पुलिस के मुताबिक, मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी मोबाइल की दुकान पर पहले काम कर चुके अंबेडकर नगर जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के पूराबक्स सराय बड़ा गांव निवासी सुषमाकर शर्मा उर्फ राज को 25 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी।
राज ने मौरावां थाना क्षेत्र के हिलौली निवासी शिवम कुमार पुत्र मनोज कुमार को भी साजिश में शामिल किया। पुलिस के अनुसार, योजना के तहत 24 अक्टूबर की रात दोनों आरोपी घर के पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुए और सो रहे कन्हैयालाल की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के दौरान किसान को तीन गोलियां मारी गईं।
हत्या के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और नागेंद्र को फोन कर वारदात को अंजाम देने की जानकारी दी।
कॉल रिकॉर्डिंग से खुला हत्या का राज
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद नागेंद्र ने सुपारी किलर से बातचीत की रिकॉर्डिंग मोबाइल से डिलीट कर दी थी, लेकिन कुछ रिकॉर्डिंग बिन फोल्डर में मौजूद रह गई थीं। तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान पुलिस को इन रिकॉर्डिंग से अहम जानकारी मिली।
सीओ तेज बहादुर सिंह के अनुसार, पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सर्विलांस टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें कथित साजिश से जुड़े तथ्य सामने आए।
पुलिस का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता नागेंद्र वारदात के बाद घर पर ही मौजूद रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने पर SO निलंबित
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। किसान की ओर से घटना से पहले की गई शिकायतों पर जांच और कार्रवाई नहीं करने के मामले में डीजीपी राजीव कृष्णा ने सोहरामऊ थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय को निलंबित कर दिया है।
एसपी जय प्रकाश सिंह के मुताबिक, शिकायतों पर कार्रवाई नहीं किए जाने के मामले में यह कदम उठाया गया है।
सुपारी किलर समेत आरोपियों को जेल भेजा
सीओ तेज बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस ने सुपारी किलर समेत गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवम के खिलाफ चोरी, लूट समेत अन्य मामलों में आठ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, फरार आरोपी भूपेंद्र की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।



