उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। प्रसिद्ध सिंघानिया परिवार की करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने के लिए परिवार के वारिस प्रणव सिंघानिया को लगभग 2 साल तक नशीले पदार्थ और इंजेक्शन देकर बंधक बनाए रखने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने नामी बिल्डरों समेत 4 नामजद और 10-12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ स्वरूप नगर थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बता दें, पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने प्रणव सिंघानिया को स्वरूप नगर स्थित विभिन्न कार्यालयों और होटलों में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उन्हें लगातार नशीले इंजेक्शन और दवाइयां दी गईं, जिससे उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर कूपरगंज स्थित बहुमूल्य पैतृक संपत्ति की जबरन रजिस्ट्री करवा ली गई। इसके साथ ही सादे कागजों पर अंगूठा लगवाने और हस्ताक्षर कराने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जब प्रणव के बड़े भाई अद्वैत पत सिंघानिया को इस पूरे षड्यंत्र की भनक लगी और उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकियां दीं। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य नामजद बिल्डरों, सहयोगियों और अज्ञात आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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