उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक बेहद दिलचस्प और प्रशासनिक कार्रवाई का मामला सामने आया है, जहां चीनी की बढ़ती कीमतों पर फेसबुक पर एक चुटीली टिप्पणी करना एक लेखपाल को भारी पड़ गया। शाहगंज तहसील में तैनात लेखपाल अशोक कुमार यादव ने सोशल मीडिया पर चीनी के दामों को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसे प्रशासन ने भ्रामक और आचरण नियमों के विरुद्ध मानते हुए उन्हें निलंबित (Suspend) कर दिया है।
जौनपुर : चीनी की कीमत पर टिप्पणी लेखपाल को पड़ी भारी
➡️SDM ने शाहगंज तहसील के लेखपाल को सस्पेंड किया
➡️अशोक कुमार यादव ने फेसबुक पर किया था पोस्ट
➡️‘चाय खतरे में मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’ लिखा था
➡️पोस्ट को भ्रामक बताते हुए SDM ने निलंबित किया#Jaunpur @DMjaunpur pic.twitter.com/DAectPSJBH— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) August 25, 2026
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लेखपाल अशोक कुमार यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने तंज कसते हुए कहा था— ‘चाय खतरे में मित्तर, चीनी पहुंच गई सत्तर’। उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद इसे सरकारी सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया।
शाहगंज तहसील के उपजिलाधिकारी (SDM) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए लेखपाल द्वारा किए गए इस पोस्ट को भ्रामक और अनुचित करार दिया। प्रशासन का मानना है कि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते इस तरह की टिप्पणियां करना और सरकार की छवि को प्रभावित करना नियमों के खिलाफ है। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कार्रवाई करते हुए लेखपाल अशोक कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन आदेश के बाद से प्रशासनिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।



