डेस्क : घर खरीदारों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने कहा है कि अगर कोई बिल्डर या रियल एस्टेट कंपनी RERA से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करती, पैसे वापस करने में आनाकानी करती है या प्रॉपर्टी डील में नकद भुगतान का दबाव बनाती है तो इसकी शिकायत संबंधित जांच एजेंसी और सक्षम अधिकारियों से करनी चाहिए।

ED ने खरीदारों को सलाह दी है कि किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, जमीन के रिकॉर्ड, वैधानिक मंजूरी और RERA पंजीकरण की पूरी जांच जरूर करें। एजेंसी ने कहा कि सिर्फ ब्रोकर के मौखिक वादों या आश्वासनों के आधार पर संपत्ति खरीदने का फैसला नहीं लेना चाहिए।

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इन बातों की करें जांच

ED के मुताबिक, खरीदारों को यह भी पता करना चाहिए कि जिस संपत्ति को वे खरीद रहे हैं, वह किसी बैंक में गिरवी तो नहीं है या उस पर कोई कानूनी विवाद तो नहीं चल रहा है।

एजेंसी ने कहा कि बुकिंग फॉर्म, नोटरी दस्तावेज या दलालों के भरोसे प्रॉपर्टी का सौदा नहीं करना चाहिए। खरीदारों को हमेशा बिक्री समझौते और पंजीकृत बिक्री विलेख जैसे कानूनी दस्तावेजों पर जोर देना चाहिए।

इन संकेतों पर रहें सावधान

ED ने बताया कि अगर कोई बिल्डर दस्तावेज देने से इनकार करता है, नकद भुगतान के लिए दबाव डालता है, रजिस्टर्ड दस्तावेजों में देरी करता है, रकम वापस नहीं करता या परियोजना की जमीन किसी तीसरे पक्ष को ट्रांसफर करने की कोशिश करता है तो खरीदारों को तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।

अहमदाबाद बिल्डर मामले के बाद जारी हुई एडवाइजरी

ED ने यह सलाह अहमदाबाद के केशव नारायण ग्रुप और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बाद जारी की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 129.80 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। ED ने कहा कि रियल एस्टेट में निवेश करने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी भुगतान से पहले सभी जरूरी जांच पूरी करनी चाहिए, ताकि वे धोखाधड़ी से बच सकें।

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