UttarPradesh: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले (चढ़ावा कांड) में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आ गया है, जिसने पूरे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। मामले से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने अब तक की जांच और आरोपों की दिशा बदलते हुए सीधे ट्रस्ट के प्रभावशाली सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा को इस पूरे घटनाक्रम के कटघरे में खड़ा कर दिया है। सूत्रों के हवाले से सामने आए टिन्नू के इस बड़े बयान के बाद पूरी जांच अब एक नए केंद्र बिंदु पर घूम गई है।

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने पूरे मामले की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सीधे डॉ. अनिल मिश्रा पर निशाना साधा है। टिन्नू का दावा है कि, “मंदिर के भीतर आने वाले कैश (चढ़ावे की नकदी) के प्रबंधन और उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की थी, मेरी नहीं। इसलिए इस मामले की निष्पक्षता से जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को सबसे पहले डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका की गहन जांच करनी चाहिए।” टिन्नू के इस पलटवार के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस पूरे कथित घोटाले के पीछे की कड़ियां और ऊपर तक जुड़ी हुई हैं।

खुलासे के बाद से ही अयोध्या से लापता हैं अनिल मिश्रा!

इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। सूत्रों और करीबियों के मुताबिक, चढ़ावा कांड में नाम उछलने और इस नए खुलासे के बाद से ही डॉ. अनिल मिश्रा अयोध्या से कहीं चले गए हैं और इस समय उनका किसी से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि, उनके बेहद करीबी लोगों का कहना है कि उनकी आंख में कुछ खराबी आ गई है, जिसके इलाज और डॉक्टरी परामर्श के लिए वे केरल गए हुए हैं।

लेकिन टिन्नू यादव के इस तीखे दावे के बाद, मामले के कथित मास्टरमाइंड के तौर पर शक की सुई सीधे मिश्रा पर घूम गई है। राम मंदिर के चढ़ावे जैसी संवेदनशील आस्था से जुड़े इस मामले में लगातार हो रहे खुलासों ने हड़कंप मचा रखा है। अब देखना यह होगा कि अयोध्या पुलिस और मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) टिन्नू यादव के इन दावों को कितनी गंभीरता से लेती है और आने वाले दिनों में डॉ. अनिल मिश्रा से इस संबंध में पूछताछ की जाती है या नहीं।

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