अमेठी के तिलोई स्थित स्वशासी मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज की निर्माण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस भवन परिसर में पिछले करीब 15 दिनों से गंदा पानी भरा हुआ है।

जलभराव के कारण निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गंदे पानी से उठ रही दुर्गंध श्रमिकों के अस्थायी आवासों तक पहुंच रही है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

11 करोड़ की लागत से बन रहा है नर्सिंग कॉलेज

करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से 60 सीटों वाले नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। लगातार बारिश के बाद परिसर में पानी भर गया, लेकिन जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है।

फिलहाल किसी श्रमिक के बीमार होने की सूचना नहीं है, लेकिन लंबे समय से जमा पानी स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।

मेडिकल कॉलेज परिसर में भी जलभराव का खतरा

नर्सिंग कॉलेज के पास ही स्वशासी मेडिकल कॉलेज का भवन तैयार हो चुका है। मेडिकल कॉलेज परिसर में भी स्थायी ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण जलभराव का खतरा बना हुआ है।

निर्माण एजेंसी की ओर से बनाए गए चार वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए पानी को रिचार्ज किया जा रहा है, लेकिन अधिक बारिश होने पर यह व्यवस्था पर्याप्त साबित नहीं हो रही है।

प्राचार्य ने निर्माण एजेंसी पर उठाए सवाल

स्वशासी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रीना शर्मा ने निर्माण एजेंसी यूपी सिडको पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कॉलेज निर्माण के दौरान नींव को पर्याप्त ऊंचाई नहीं दी गई, जिसके कारण परिसर में जलभराव की स्थिति बनी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निर्माण एजेंसी स्थल विकास के दौरान पर्याप्त ऊंचाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं करती है तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन भवन का हैंडओवर नहीं लेगा।

तीन बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं हुआ समाधान

प्राचार्य के अनुसार, मेडिकल कॉलेज परिसर की जल निकासी व्यवस्था के लिए उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी को तीन बार पत्र लिखा जा चुका है। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी ने भी अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद 25 बीघे से अधिक क्षेत्रफल में फैले मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं हो सकी है। लगातार बारिश के बीच विभागीय लापरवाही से आने वाले समय में बड़ी समस्या खड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।

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