कानपुर के ग्वालटोली थाना क्षेत्र में 8 फरवरी 2026 को हुए लैंबॉर्गिनी हादसे में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस मामले में अब पुलिस प्रशासन ने प्रभारी निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस आयुक्त ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

लेकिन इस कदम पर कुछ अहम सवाल उठ रहे हैं:

👉 क्या इंस्पेक्टर को “बलि का बकरा” बनाया गया?
👉 जब वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले में शामिल थे, तो कार्रवाई सिर्फ नीचे वाले पर क्यों?
👉 क्या पहले ड्राइवर, अब इंस्पेक्टर… और असली आरोपी सुरक्षित हैं?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक शराबी अरबपति के बेटे शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? आरोप है कि उसे बचाने के लिए लगातार पुलिस और प्रशासन के एक-एक कर मोहरे गिराए जा रहे हैं।

यह मामला अब सिर्फ एक सड़क हादसे का नहीं, बल्कि राजनीति और सिस्टम की लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। जबकि असली आरोपी को बचाने की कोशिशें जारी हैं, पुलिस की कार्रवाई केवल उन लोगों तक सीमित हो रही है जिनका मामला सुलझाने में सरकार या प्रशासन की कोई दिलचस्पी नहीं है।

Kanpur Lamborghini Kand:अब ड्राइवर पर डाला जा रहा ठीकरा? अरबपति के बेटे को बचाने में सिस्टम सक्रिय!

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