अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अब साधारण चोरी से कहीं आगे बढ़कर एक बेहद गहरे और खतरनाक आपराधिक सिंडिकेट की शक्ल लेता जा रहा है। इस पूरे मामले में अब एक ऐसा गंभीर मोड़ सामने आया है, जिसने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और स्थानीय पुलिस की भूमिका को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है। सूत्रों और दावों के मुताबिक, एक CCTV वीडियो ने इस पूरे कांड की एक ऐसी इनसाइड स्टोरी उजागर की है, जो जैसा दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा पेचीदा है।
क्या है 5 जून के CCTV वीडियो की कहानी?
सामने आए नए CCTV वीडियो में 5 जून की तारीख रिकॉर्ड बताई जा रही है। वीडियो में कुछ लोग एक आरोपी के घर से एक मोटा काला बैग ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस टीम के साथ अयोध्या पुलिस के एक दरोगा और सिपाही भी मौजूद दिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ट्रस्ट को गड़बड़ी का पता 4 जून को ही चल गया था, जिसके बाद 5 जून को ट्रस्ट के पदाधिकारियों की एक टीम ने बिना किसी आधिकारिक कानूनी आदेश के खुद ही आरोपियों के घर पर छापेमारी कर दी और मौके से करीब 58 लाख रुपये की रिकवरी भी कर लिया। बाकी की रकम 8 जून तक बैंक खातों के जरिए वापस लिए जाने की बात कही जा रही है।
खुद पुलिस बन गए ट्रस्ट के लोग? उठ रहे हैं ये तीखे सवाल
इस नए खुलासे के बाद अयोध्या से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप है और कई तीखे सवाल तैर रहे हैं:
- जब 5 जून को ही गड़बड़ी सामने आ गई थी और लाखों की रिकवरी हो गई थी, तो करीब 20 दिनों तक आधिकारिक FIR क्यों नहीं दर्ज कराई गई?
- ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शुरुआत में यह बयान क्यों दिया था कि जांच में कुछ भी उल्लेखनीय नहीं पाया गया है? क्या मामले को दबाने की कोशिश हो रही थी?
- क्या किसी प्राइवेट ट्रस्ट को पुलिसकर्मियों को साथ लेकर खुद छापेमारी करने और नगदी रिकवर करने का कानूनी अधिकार है?
- मुख्य आरोपियों में से एक टिन्नू यादव के घर पहले दिन टीम क्यों नहीं गई? क्या उसे सबूत ठिकाने लगाने का मौका दिया गया?
यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी का यह मामला अब कथित अवैध रिकवरी, देरी से हुई एफआईआर और पुलिस की रहस्यमयी मौजूदगी के कारण एक बड़े प्रशासनिक और कानूनी विवाद का रूप ले चुका है। अब देखना यह है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले की जांच कर रही SIT और उच्च अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।












