मलेशिया सरकार बच्चों को इंटरनेट की दुनिया के खतरों से बचाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाने जा रही है। 1 जून से देश में नए नियम लागू किए जा रहे हैं, जिसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना चुनौतीपूर्ण होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य कम उम्र के यूजर्स को साइबर बुलिंग, ऑनलाइन स्कैम और हानिकारक कंटेंट से सुरक्षित रखना है।

कंपनियों पर बढ़ेगी जिम्मेदारी मलेशिया के कम्युनिकेशंस एंड मल्टीमीडिया कमीशन (MCMC) ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का पालन कराने की पूरी जिम्मेदारी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की होगी। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर नाबालिग आसानी से अकाउंट न बना सकें। इसके अलावा, कंपनियों को अपना कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम मजबूत करना होगा, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी और विज्ञापनों में पारदर्शिता लानी होगी। छेड़छाड़ किए गए या एआई (AI) द्वारा बनाए गए कंटेंट को साफ तौर पर लेबल करना भी अनिवार्य होगा।

एज वेरिफिकेशन और ग्लोबल ट्रेंड इन नियमों को प्रभावी बनाने के लिए मलेशिया सरकार जल्द ही ‘एज वेरिफिकेशन सिस्टम’ (उम्र की पुष्टि करने वाली प्रणाली) लागू करने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, प्राइवेसी और सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। मलेशिया अकेला ऐसा देश नहीं है, जो बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर है; ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन और भारत (गोवा) में भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई जा चुकी हैं। Meta, TikTok और YouTube जैसी बड़ी टेक कंपनियों को अब मलेशियाई बाजार में टिके रहने के लिए अपनी नीतियों और सिस्टम में बड़े बदलाव करने होंगे।

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