आजकल की आधुनिक कारों में पारंपरिक चाबी का दौर लगभग खत्म हो चुका है और इसकी जगह ‘Engine Start/Stop’ बटन ने ले ली है। यह न केवल कार को एक प्रीमियम लुक देता है, बल्कि ड्राइविंग अनुभव को भी सुविधाजनक बनाता है। लेकिन अक्सर नए चालकों या जिज्ञासु बच्चों के मन में यह सवाल आता है कि यदि गाड़ी हाई स्पीड में सड़क पर दौड़ रही हो और कोई गलती से इस बटन को दबा दे, तो क्या होगा? क्या गाड़ी अचानक रुक जाएगी या कोई बड़ा हादसा हो जाएगा?

एक बार दबने पर नहीं होता ‘धमाका’

कार कंपनियां भी जानती हैं कि मानवीय भूल होना स्वाभाविक है। इसलिए, अधिकांश मॉडर्न कारों के सॉफ्टवेयर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यदि चलती कार में एक बार गलती से बटन दब जाए, तो इंजन बंद नहीं होता। सेफ्टी सिस्टम इसे एक ‘अनजाने में की गई गलती’ मानता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में आपके डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट जल सकती है या बीप की आवाज आ सकती है, जो आपको सतर्क करने के लिए होती है।

इमरजेंसी मोड: जब बटन बन जाता है ‘किल स्विच’

खतरा तब बढ़ता है जब इस बटन को लगातार 2 से 3 सेकंड तक दबाकर रखा जाए या बार-बार प्रेस किया जाए। ऐसी स्थिति में कार का कंप्यूटर इसे ‘इमरजेंसी’ (आपातकाल) संकेत मानता है और इंजन को बंद कर देता है। इंजन बंद होते ही कार का ‘पावर स्टीयरिंग’ भारी हो जाता है और ‘ब्रेक बूस्टर’ काम करना बंद कर देता है, जिससे ब्रेक लगाने में बहुत अधिक ताकत लगानी पड़ती है। कुछ ऑटोमैटिक कारों में गियर अपने आप न्यूट्रल पर आ जाता है।

कंपनियां क्यों देती हैं ये विकल्प?

दरअसल, यह बटन एक ‘इमरजेंसी किल स्विच’ की तरह भी काम करता है। अगर कभी कार का एक्सीलेटर फंस जाए या ब्रेक फेल होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाए, तो इस बटन को दबाकर रखकर कार की पावर कट की जा सकती है। लेकिन सामान्य ड्राइविंग के दौरान इसके साथ छेड़छाड़ करना आपके कार के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) को नुकसान पहुँचा सकता है और सड़क पर नियंत्रण खोने का जोखिम बढ़ा सकता है।

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