लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। शिवपाल यादव के उस बयान पर पलटवार करते हुए सीएम ने बिना नाम लिए कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर देश की आजादी और भारत के विभाजन से जुड़े इतिहास को लेकर सवाल उठते हैं, उसके नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वाले को सपा आज गृहमंत्री बनाने की बात कर रही है। उन्होंने कहा, “ये लोग फिर दंगा करवाना चाहते हैं।”

दंगाइयों को सीएम आवास पर सम्मान दिलवाने वाले का कर रहे समर्थन

सीएम योगी ने कहा कि जिस शख्स ने मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दंगाइयों को तत्कालीन मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सम्मानित करवाया था, आज सपा उसी का पैरोकार बन रही है। उन्होंने कहा कि इनकी शर्मनाक सोच को पूरा देश देख रहा है। बता दें कि दो दिन पहले शिवपाल यादव ने रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात के बाद कहा था कि सपा सरकार बनने पर आजम खान को गृहमंत्री बनाया जाएगा और उन पर हुए हर जुल्म का बदला लिया जाएगा।

कांग्रेस ने देश के साथ विश्वासघात किया

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित मौन पदयात्रा में सीएम योगी मास्क लगाकर सरदार पटेल प्रतिमा से लोकभवन तक पैदल चले। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1947 में यही लोग मौन थे और किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते थे। आज भी उनकी मंशा नहीं बदली है। उन्होंने कहा कि सत्ता की लिप्सा इस हद तक थी कि एक सनातन राष्ट्र के टुकड़े कर दिए गए। करोड़ों हिंदुओं को अपनी मातृभूमि से बेदखल होना पड़ा और लाखों का कत्लेआम हुआ, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले पर भी चुप रहे ये दल

सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों के दौरान भी कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां पूरी तरह चुप रहीं, क्योंकि उन्हें डर था कि बोलने से उनका वोटबैंक नाराज हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल अपने स्वार्थ के लिए सत्ता को निजी संपत्ति और पारिवारिक विरासत मानते हैं और देश के साथ धोखा करते हैं।

CAA में कहीं किसी की जमीन लेने की बात नहीं थी

सीएम ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लेकर आए, तो उसमें कहीं भी किसी मुसलमान, कांग्रेस या सपा की जमीन लेने की बात नहीं थी। फिर भी लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में जगह-जगह दंगे करने की साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि उस विरोध को सपा और कांग्रेस पीछे से समर्थन दे रहे थे। सीएम बोले, “अगर उस समय नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री होता, तो भारत का कोई बाल बांका नहीं कर पाता।”

विभाजन के असली दोषी आज भी सत्ता पर नजर गड़ाए हैं

सीएम योगी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का मकसद यही है कि हम अतीत की गलतियों से सीख लें और आने वाली पीढ़ी को सच्चाई से रूबरू कराएं। उन्होंने कहा कि जो लोग 1947 में चुप थे और जिनकी नजर सिर्फ सत्ता पर थी, वे आज भी उसी सोच पर चल रहे हैं। लोकभवन सभागार में विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी और शॉर्ट फिल्म देखने के बाद सीएम ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनके अनुभव भी सुने।

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