मुजफ्फरनगर: राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के बयान पर पलटवार किया। मुजफ्फरनगर में आयोजित सामाजिक समरसता कार्यक्रम के दौरान जयंत चौधरी ने कहा कि जिस समाज को लेकर टिप्पणी की गई है, उसका नाम लेकर बताया जाए कि आखिर किस समाज को गिरा हुआ कहा गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज पर किसी भी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जयंत चौधरी ने कहा कि अगर उनके दल का कोई अध्यक्ष इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता, तो वह उसे पद से हटा देते। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में वह सिपाही बनकर खड़े रहेंगे। जयंत ने कहा कि किसी भी समाज को अपमानित करने वाली भाषा का राजनीतिक विरोध होना चाहिए।
दरअसल, यह विवाद उस बयान के बाद बढ़ा जिसमें श्यामलाल पाल ने कहा था कि समाजवादी पार्टी ने ऐसे लोगों को राजनीतिक मंच दिया, जिन्हें राजनीति की एबीसीडी तक नहीं आती थी और उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से पिछड़े समाजों को आगे लाने से जोड़कर बताया था।
जयंत चौधरी ने इसी बयान को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी समाज के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने सामाजिक सम्मान और एकता की बात करते हुए अपने रुख को स्पष्ट किया।



