लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजों आकाश आनंद और ईशान आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक, मायावती ने दोनों को भविष्य में पार्टी में कोई भी जिम्मेदारी नहीं देने का मन बना लिया है। खास तौर पर ईशान आनंद को किसी भी तरह का राजनीतिक पद या जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, भविष्य में जरूरत पड़ने पर मायावती आनंद कुमार की बेटी दीपिका आनंद को पार्टी में मौका दे सकती हैं। हालांकि, यह मौका तभी मिलेगा जब दीपिका खुद राजनीति में आने के लिए तैयार होंगी। अगर वह राजनीति में आने से इनकार करती हैं तो पार्टी के किसी समर्पित कार्यकर्ता को आगे बढ़ाया जा सकता है।
जाने कौन हैं दीपिका आनंद ?
आनंद कुमार की बेटी दीपिका आनंद फिलहाल वकालत की पढ़ाई कर रही हैं। बताया जा रहा है कि मायावती उनके लिए किसी पारिवारिक रिश्ते के बजाय उनकी ईमानदारी, क्षमता और योग्यता को प्राथमिकता देने के पक्ष में हैं। मायावती पहले भी संकेत दे चुकी हैं कि भविष्य में BSP की कमान किसी ऐसे समर्पित, जमीनी और अनुभवी दलित कार्यकर्ता को दी जानी चाहिए, जिसे पार्टी के भीतर आम सहमति से चुना जाए।
ऐसे में पार्टी के भविष्य को लेकर यह संभावना भी सामने आ रही है कि BSP का संचालन किसी एक व्यक्ति के बजाय वरिष्ठ नेताओं की कोर कमेटी या सामूहिक नेतृत्व के जरिए किया जा सकता है। यह व्यवस्था पार्टी के आंदोलन और राजनीतिक फैसलों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
आखिर आकाश आनंद और मायावती के बीच विवाद क्या है ?
BSP प्रमुख मायावती ने बीते गुरुवार को आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि आकाश आनंद को पहले राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया था और अब उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह स्वतंत्र कर दिया गया है। मायावती ने BSP के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में कहा था कि अगर आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वह स्वतंत्र हैं। इसी के साथ उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
पहली बार नहीं, आकाश आनंद पहले भी हो चुके हैं निष्कासित
आकाश आनंद को साल 2019 में BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था। इसके बाद 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि, बाद में उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया गया था।
उस समय मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि आकाश आनंद को उनके ससुर की तरह ही पार्टी और आंदोलन के हित में निष्कासित किया गया है। अब एक बार फिर आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह अलग किए जाने के बाद BSP के भविष्य और मायावती के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।



