नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने पलटवार किया है। चिदंबरम ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें “दिमागी नक्सली” कहे जाने पर गर्व है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी।

पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के एक दिन बाद यह प्रतिक्रिया दी, जिसमें पीएम मोदी ने लोगों और प्रशासन से “दिमागी नक्सली” मानसिकता रखने वालों को पहचानने और अलग करने की अपील की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले से अपने संबोधन में कहा था कि सरकार की कार्रवाई के बाद देश में माओवादी हिंसा काफी हद तक खत्म हुई है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से नक्सली हिंसा में कमी आई है, लेकिन कुछ लोग पहले भी सरकारी समितियों में रहकर नीतियों को प्रभावित करते थे।

पीएम मोदी ने कहा था कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि हथियार उठाने वाले माओवादियों का प्रभाव भले ही कम हो गया हो, लेकिन वैचारिक नक्सलवाद अभी भी संस्थानों में मौजूद है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी पीएम मोदी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि “दिमागी नक्सली” शब्द का कोई वास्तविक आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी “अर्बन नक्सल” शब्द को लेकर बहस हुई थी और सरकार को संसद में स्पष्ट करना पड़ा था कि इसकी कोई आधिकारिक कानूनी परिभाषा नहीं है।

जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को पहले “अर्बन नक्सल” और अब “दिमागी नक्सल” कहकर निशाना बनाती है, लेकिन बाद में उन्हीं मुद्दों को स्वीकार कर लेती है जिनकी मांग विपक्ष करता रहा है।

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