उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक अहम निर्देश जारी किया गया है। अब से यूपी पुलिस भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र, कंटेंट या उससे जुड़ी किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करना अपराध माना जाएगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत लिया गया है और इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर काबू पाने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
अभ्यर्थियों को दी गई सलाह के अनुसार, वे किसी भी तरह से परीक्षा से संबंधित जानकारी का प्रसार सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर न करें। बोर्ड ने अभ्यर्थियों से सतर्क रहने की अपील की है ताकि किसी प्रकार के झंझट से बचा जा सके और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
यह कदम उस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जहां पेपर लीक की घटनाओं ने पहले कई परीक्षा प्रक्रियाओं को प्रभावित किया था। अब इस सख्त निर्देश से उम्मीद है कि प्रदेश में होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगी।
यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि अब किसी भी तरह के गलत कृत्य को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।



