उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच आवागमन को सुगम और तेज बनाने के लिए बहुप्रतीक्षित ‘लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे’ का उद्घाटन कर दिया गया है। उन्नाव में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महत्वपूर्ण परियोजना का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
4200 करोड़ की लागत से तैयार मील का पत्थर
करीब 4200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के हाई-स्पीड रोड नेटवर्क को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। इस सड़क के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच का सफर अब महज 40 मिनट में पूरा हो सकेगा, जिससे यात्रियों का बहुमूल्य समय बचेगा और परिवहन में सुगमता आएगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस एक्सप्रेस-वे का महत्व केवल यात्रा के समय को कम करने तक ही सीमित नहीं है। यह कॉरिडोर राज्य के डिफेंस कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब के लिए ‘लाइफलाइन’ साबित होगा। इससे उद्योगों को माल ढुलाई में आसानी होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को तेज गति मिलेगी। उद्घाटन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने NHAI द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें एक्सप्रेस-वे की अत्याधुनिक सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस
सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से इस एक्सप्रेस-वे पर ‘एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ATMS) स्थापित किया गया है। यह प्रणाली सड़क पर होने वाले किसी भी व्यवधान की तुरंत पहचान करेगी और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी।
यह एक्सप्रेस-वे न केवल लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरियों को कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के सबसे विकसित सड़क नेटवर्क वाले राज्यों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा करेगा। इस सौगात से आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों और उद्योगपतियों में भी काफी उत्साह है। निश्चित रूप से, यह परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।














