अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। तीन सदस्यीय एसआईटी द्वारा तैयार यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है। रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है, इसलिए फिलहाल इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
एसआईटी सदस्य विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह जांच का प्रारंभिक प्रतिवेदन है और टीम ने अपनी अब तक की सभी प्रमुख निष्कर्ष शासन को उपलब्ध करा दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच गोपनीय होने के कारण फिलहाल रिपोर्ट की सामग्री पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री ने टीम को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ बड़े प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। जांच के दायरे में चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारी, ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी शामिल बताई जा रही है।
मामले में सामने आए कुछ सीसीटीवी फुटेज ने भी जांच को नई दिशा दी है। आरोप है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों ने नकदी में हेरफेर की और रकम को बाहर ले जाने के लिए कथित तौर पर बाथरूम के रास्ते का इस्तेमाल किया। इसके अलावा चढ़ावे की गिनती से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था में भी कई खामियां सामने आई हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे मामले में किसकी क्या जिम्मेदारी थी और सुरक्षा व्यवस्था में कहां-कहां चूक हुई। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।













