आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को गोवा की राजधानी पणजी स्थित आज़ाद मैदान में पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया। इस दौरान उनके साथ दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और आप गोवा के अध्यक्ष वाल्मीकि नाइक भी मौजूद रहे। केजरीवाल ने गोवा की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विवादित कारापुर प्रोजेक्ट को तत्काल रद्द करने और ‘सेक्शन 39A’ को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है।
पणजी के आज़ाद मैदान में अनशन पर बैठे रमाकांत कोंधर और स्थानीय प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे जनता की 10 प्रमुख मांगों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने दो सबसे अहम मुद्दों पर जोर देते हुए कहा कि पहला मुद्दा कारापुर प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां बड़े बिल्डरों को जमीन सौंपकर करीब 1,800 फ्लैट्स बनाने की अनुमति दी गई है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट के कारण पूरा कारापुर गांव तबाह हो जाएगा और वहां के स्थानीय लोगों का जीवन बेहद कठिन हो जाएगा, इसलिए इस विनाशकारी प्रोजेक्ट को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।
दूसरा बड़ा मुद्दा उठाते हुए AAP प्रमुख ने गोवा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट के ‘सेक्शन 39A’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रावधान का इस्तेमाल गोवा की बीजेपी सरकार बिल्डरों और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने और जमीन के उपयोग में मनमाने बदलाव करने के लिए कर रही है। केजरीवाल ने कड़े शब्दों में कहा, “यह सरकार असल में आम जनता की नहीं, बल्कि बिल्डरों और कॉन्ट्रैक्टरों की सरकार है। गोवा के लोग ऐसा विकास नहीं चाहते जो राज्य के प्राकृतिक पर्यावरण, खेती और भूजल स्रोतों को तबाह कर दे।”
गौरतलब है कि फरवरी 2024 में एक संशोधन के जरिए गोवा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट, 1974 में जोड़े गए ‘सेक्शन 39A’ के तहत मुख्य नगर योजनाकार (चीफ टाउन प्लानर) को प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी और सरकार के निर्देश पर रीजनल प्लान और ओडीपी (ODPs) में जमीन के वर्गीकरण को बदलने का अधिकार मिला हुआ है। स्थानीय लोग और विपक्षी दल इसी का विरोध कर रहे हैं। केजरीवाल के इस दौरे और समर्थन के बाद गोवा की राजनीति में पारा एक बार फिर चढ़ गया है।














