पीलीभीत: समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत में संगठन की कमान धर्मेश गंगवार को सौंप दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से धर्मेश गंगवार को जिले का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके जिलाध्यक्ष बनने के बाद पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। साथ ही, धर्मेश गंगवार की नियुक्ति के बाद कुर्मी बिरादरी में पार्टी की राजनीतिक पकड़ को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं धर्मेश गंगवार
धर्मेश गंगवार का स्थानीय राजनीति में मजबूत आधार माना जाता है। वह पीलीभीत के वार्ड नंबर 24 से लगातार दो बार जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। बताया जाता है कि अपने दूसरे चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते हुए बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। जिला पंचायत सदस्य के तौर पर क्षेत्र में उनकी सक्रियता को उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि का अहम हिस्सा माना जाता है।
परिवार की राजनीति में भी लंबी पारी
धर्मेश गंगवार का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। बहेड़ी के बैंकर से लेकर बहादुरपुर हुक्मी तक उनके परिवार की राजनीतिक सक्रियता रही है। उनके पिता योगेंद्र नाथ उर्फ मुन्नू बाबू ने भी अलग-अलग स्तर पर चुनावी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख पद तक चुनाव लड़ा। इसके अलावा उन्होंने नवाबगंज विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव भी लड़ा था। उनकी मां भी राजनीति में सक्रिय रही हैं।
परिवार की इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच धर्मेश गंगवार ने भी सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ाया और जिला पंचायत चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत की।
अब सपा संगठन की जिम्मेदारी
दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके धर्मेश गंगवार को अब समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत में संगठन की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी नेतृत्व की ओर से जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की जिम्मेदारी उनके सामने होगी। धर्मेश गंगवार की नियुक्ति को पीलीभीत में सपा के संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी की ओर से PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण पर लगातार जोर दिया जाता रहा है।
स्थानीय राजनीति में बढ़ी सक्रियता
जिलाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही धर्मेश गंगवार की भूमिका अब जिला पंचायत की राजनीति से आगे बढ़कर पार्टी संगठन तक पहुंच गई है। ऐसे में आने वाले समय में पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के संगठन और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है।



