कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार को दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर बेहद गंभीर और तीखे सवाल उठाए हैं। अपनी दादी के निधन के बाद महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित संटुक पिंपरी गांव पहुंचे दीपके ने मीडिया से रूबरू होते हुए अपनी गिरफ्तारी और पुलिसिया प्रताड़ना का दर्द बयां किया।
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली में विमान से उतरते ही उन्हें बिना किसी पुख्ता सूचना के हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनके माता-पिता या वकीलों को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी। इतना ही नहीं, जब उनकी दादी का निधन हुआ, तो पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय कैमरों के साथ आकर केवल ‘ड्रामा’ किया।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें उनके उस चचेरे भाई का नंबर भी फोन से नहीं निकालने दिया जो दिवंगत दादी के साथ रहता था। दीपके ने सवाल उठाया कि अगर पुलिस को पहले से ही दादी की मौत की जानकारी थी, तो वे सुबह उनके पास गिरफ्तारी के कागजात लेकर क्यों पहुंचे थे?
पुलिसिया कार्रवाई से आहत अभिजीत दीपके ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह इन दमनकारी नीतियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने ऐलान किया कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित तानाशाही के खिलाफ उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता।















