नई दिल्ली: टेक और एनर्जी सेक्टर से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) और वैश्विक इंजीनियरिंग व मैन्युफैक्चरिंग दिग्गज जेबिल इंक (Jabil Inc.) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर उपकरण के निर्माण के लिए हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने भारत में एक मल्टी-गीगावॉट एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म तैयार करने के लिए 50:50 के एक प्रस्तावित संयुक्त उद्यम (Joint Venture) के वास्ते गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार की मांगों को पूरा करना है। अनुमान है कि साल 2030 तक भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 5 से 8 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी, जिसके तहत डेटा सेंटर, क्लाउड और एआई इकोसिस्टम में 50 अरब डॉलर से अधिक का निवेश होने की संभावना है।
क्या-क्या होगा मैन्युफैक्चर?
इस जॉइंट वेंचर के तहत भारत में ही एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण और असेंबलिंग की जाएगी। इसके अलावा डेटा सेंटर को पावर देने और ठंडा रखने वाले सिस्टम जैसे लिक्विड-कूलिंग सिस्टम, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स और ट्रांसफॉर्मर भी यहीं तैयार किए जाएंगे। यह पहल ‘मेड इन इंडिया’ के विजन को मजबूत करते हुए घरेलू मांग को पूरा करने के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में निर्यात को भी बढ़ावा देगी।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इस साझेदारी पर कहा कि एआई क्रांति के लिए केवल एल्गोरिदम में सुधार काफी नहीं है, बल्कि एक नए औद्योगिक ढांचे की जरूरत है जहां ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और精密 विनिर्माण (Precision Manufacturing) एक साथ आ सकें। जेबिल के सीईओ माइक डास्टूर ने भी इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि जेबिल के 60 साल के मैन्युफैक्चरिंग अनुभव और अदाणी की ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं के मेल से भारत और दुनिया भर के ग्राहकों को बेहतरीन रैक-लेवल डेटा सेंटर समाधान मिल सकेंगे।














