वर्ल्ड न्यूज़ : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी सैन्य संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच बांग्लादेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) को हो रहे भारी वित्तीय नुकसान, घटते विदेशी मुद्रा भंडार और पड़ोसी देशों में ईंधन की तस्करी के खतरे का हवाला देते हुए सरकार ने सभी तरह के फ्यूल ऑयल की कीमतों में सीधे BDT 20 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है।
बांग्लादेश एनर्जी एंड मिनरल रिसोर्सेज डिवीजन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि का मुख्य उद्देश्य घरेलू कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के बराबर लाना और BPC के बढ़ते घाटे को नियंत्रित करना है। नई दरों के लागू होने के बाद अब डीजल की कीमत BDT 115 से बढ़कर BDT 135 प्रति लीटर हो गई है, जबकि ऑक्टेन BDT 145 से बढ़कर BDT 165 प्रति लीटर पहुंचेगा। वहीं पेट्रोल की नई कीमत BDT 160 प्रति लीटर और केरोसीन की कीमत BDT 155 प्रति लीटर तय की गई है।
ऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया कि मार्च से अगस्त के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम दोगुने से अधिक होने के बावजूद सरकार ने जनता के हित में कीमतें स्थिर रखी थीं। हालांकि, इस दौरान BPC को लगभग BDT 22,875.66 करोड़ का भारी नुकसान सहना पड़ा। वर्तमान परिस्थितियों में सिर्फ डीजल पर ही निगम को प्रतिदिन लगभग BDT 109 करोड़ का घाटा हो रहा था।
इसके अलावा, भारत (कोलकाता), म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में बांग्लादेश में ईंधन बेहद सस्ता था, जिससे सीमा पार तस्करी का बड़ा जोखिम पैदा हो गया था। सरकार को उम्मीद है कि प्रति लीटर BDT 20 की इस बढ़ोतरी से BPC का सालाना घाटा लगभग BDT 10,000 करोड़ तक कम करने में मदद मिलेगी।



