बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने उत्तराखंड में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को लेकर हुए विवाद पर उनका समर्थन किया है। राजपाल यादव ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की टिप्पणियों को अनुचित बताते हुए कहा कि ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को कलाकारों के प्रति अपनी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कला और कलाकारों के सम्मान को सर्वोपरि बताया।
राजपाल यादव ने मंत्री की टिप्पणी को बताया अनुचित
राजपाल यादव ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित मंत्री की ओर से पीढ़ियों को अपनी आवाज से प्रभावित करने वाले दिग्गज गायक के लिए अपमानजनक टिप्पणी और अनुचित भाषा का इस्तेमाल करना उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
राजपाल यादव ने हिंदी में कहा, “एक कला के विद्यार्थी के तौर पर मैं कहना चाहूंगा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता। कला ही जीवन है और जीवन का सम्मान किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि सत्ता और पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन कला का स्थान हमेशा ऊंचा रहेगा। इसलिए कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते: राजपाल यादव
राजपाल यादव ने दलेर मेहंदी पर कार्यक्रम के दौरान नशे में होने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी शराब का सेवन नहीं करते हैं। राजपाल यादव ने बताया कि वह गायक को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं और उनके साथ फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में काम भी कर चुके हैं।
अभिनेता ने कहा कि दलेर मेहंदी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनके ठीक होने के लिए लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान उनके नशे में होने को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तराखंड के कार्यक्रम में कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद रविवार को नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए उनके गायन पर सवाल उठाए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दीं। वीडियो में मंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि गायक को दर्शकों के मनोरंजन के लिए बुलाया गया है। उन्होंने दलेर मेहंदी को एक प्रसिद्ध कलाकार के रूप में अपनी प्रतिष्ठा का सम्मान करने की बात भी कही।
इसके बाद सोशल मीडिया पर दलेर मेहंदी के नशे में होने और ठीक से गाना नहीं गा पाने के आरोप लगाए गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने दी अपनी सफाई
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सुबोध उनियाल ने कहा कि उन्होंने दलेर मेहंदी से इसलिए सवाल किया, क्योंकि उन्हें लगा कि गायक लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे थे।
मंत्री ने यह भी दावा किया कि प्रस्तुति के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उन्होंने कार्यक्रम के संचालन के तरीके पर नाराजगी जताई।
मीका सिंह और बादशाह ने भी किया समर्थन
इस विवाद के बाद दलेर मेहंदी के समर्थन में कई गायक सामने आए हैं। मीका सिंह और बादशाह ने भी उनका समर्थन किया है। अब अभिनेता राजपाल यादव ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कलाकारों के सम्मान और कला की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया है।













