केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली के नजफगढ़ में यमुना की सफाई से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत के दौरान अमित शाह ने विपक्ष पर वोट चोरी का बहाना बनाने और घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारें लगातार चुनी जा रही हैं, जबकि विपक्ष चुनावी हार के बाद चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल उठाता है।
वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी को घेरा
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में एक अलग खेल चल रहा है। उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडों और भीड़शाही के जरिए देश के जनादेश को झुठलाया नहीं जा सकता। शाह ने राहुल गांधी को सलाह दी कि अगर चुनाव जीतना है, तो लोगों के बीच रहकर उनके दुख-दर्द को समझना होगा और जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा।
उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन से कुछ नहीं होता। जनता की पीड़ा और अव्यवस्था को दूर करने के लिए जहां भी विपक्षी दलों की सरकारें हैं, वहां योजनाएं लाकर काम करना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर विपक्ष का बचा-खुचा जनाधार भी खत्म हो जाएगा।
घुसपैठियों के वोट बचाने का लगाया आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष आरोप लगाता है कि बीजेपी लोकप्रिय वोट से नहीं, बल्कि वोट चोरी करके चुनाव जीतती है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि विपक्ष वोट चोरी का मुद्दा उठाकर घुसपैठियों के वोट बचाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कभी ईवीएम तो कभी वोट चोरी का मुद्दा उठाते हैं। शाह के मुताबिक, बीजेपी की केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने से पहले भी कई राज्यों में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता से बाहर रही है।
अमित शाह ने गिनाए राज्यों के चुनावी आंकड़े
अमित शाह ने अपने संबोधन में गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्यों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि गुजरात और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में नहीं आई है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, दिल्ली और असम में भी कांग्रेस की चुनावी स्थिति पर सवाल उठाए।
शाह ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि कई राज्यों में उसकी चुनावी मुश्किलें नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले से रही हैं। उन्होंने बीजेपी की लंबे समय तक सरकार बने रहने की बात पर विपक्ष की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया।
’30 साल तक आपकी सरकार नहीं बनने वाली’
अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह देश में ही रहते हैं और जनता के बीच रहकर राजनीति करते हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की मौजूदा राजनीति को देखते हुए कांग्रेस की सरकार अगले 30 साल तक नहीं बनने वाली है।
शाह ने कहा कि वह देश की जनता के बीच रहेंगे और जनता विपक्ष की राजनीति को देख और समझ रही है। उनका यह बयान विपक्ष के खिलाफ बीजेपी के राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के रुख को लेकर उठाए सवाल
अमित शाह ने विपक्षी दलों पर चुनाव आयोग को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केरल और तेलंगाना में जीत मिलने पर विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची को सही बताता है, जबकि हारने पर उन्हीं पर सवाल उठाता है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष के पक्ष में चुनावी नतीजे आने पर चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा जताया जाता है, लेकिन विपरीत परिणाम आने पर सवाल खड़े किए जाते हैं। शाह ने अदालतों के फैसलों को लेकर भी विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
इंडिया गठबंधन के प्रदर्शनों पर भी साधा निशाना
इंडिया गठबंधन के हालिया प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि आसपास के राज्यों से कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करके दिल्ली में प्रदर्शन करने से जनता के जनादेश को नहीं बदला जा सकता। उन्होंने कहा कि देश की जनता विपक्ष की गतिविधियों को देख रही है और उसके राजनीतिक रुख को समझ रही है।
अमित शाह के इस बयान से एसआईआर, मतदाता सूची, चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों को लेकर बीजेपी तथा विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिलते हैं।













