Lawrence Bishnoi Gang News: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित जानलेवा हमले की कोशिश के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आने के बाद एक बार फिर उसके आपराधिक नेटवर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गुजरात की साबरमती जेल की हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह का संचालन आखिर कौन कर रहा है? टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि लॉरेंस के करीबी सहयोगियों का एक कथित ‘शैडो कैबिनेट’ विदेशों से बैठकर नेटवर्क के ऑपरेशंस संभाल रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कथित नेटवर्क विदेशों में सुरक्षित ठिकानों से भर्ती, फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम देने जैसे कामों का समन्वय करता है। हालांकि, इन दावों और अलग-अलग सदस्यों की भूमिकाओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
कौन हैं लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कथित ‘शैडो कैबिनेट’ के सदस्य?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में टाइसन बिश्नोई, अनिल पंडित, हरि बॉक्सर, हरमन संधू और हिमांशु सोनीपत के नाम कथित शैडो कैबिनेट के सदस्यों के तौर पर बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये लोग नए सदस्यों की भर्ती करने, उन्हें जिम्मेदारियां सौंपने और आपराधिक गतिविधियों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं का समन्वय करने में भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्ट में आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक के एक अलग समूह का भी जिक्र है। दावा है कि यह समूह वारदातों की योजना बनाने, फंडिंग जुटाने और निशाने चुनने जैसे कामों से जुड़ा है। गोल्डी ढिल्लों का नाम भी इस नेटवर्क के संदर्भ में सामने आया है।
विदेशों से कैसे संचालित होता है नेटवर्क?
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि गिरोह के सदस्य अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कुछ हिस्सों से अपनी गतिविधियों का संचालन करते हैं। कथित तौर पर स्थानीय गुर्गों से संपर्क करने और उन्हें निर्देश देने के लिए सिग्नल, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है।
एक जांचकर्ता के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशों में मौजूद कथित मास्टरमाइंड नेटवर्क के निचले स्तर पर काम करने वाले लोगों को रणनीतिक दिशा-निर्देश, आर्थिक सहायता और सुरक्षा मुहैया कराते हैं।
रिपोर्ट में रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ का नाम भी नेटवर्क पर कथित नियंत्रण रखने वालों के रूप में सामने आया है। सूत्रों का दावा है कि जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई से अलग होने का दिखावा किया गया है। इन दावों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों के आधिकारिक बयानों से की जानी बाकी है।
अनिल पंडित को बताया गया गिरोह का सार्वजनिक प्रवक्ता
रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल पंडित कथित तौर पर गिरोह का सार्वजनिक प्रवक्ता है। उस पर सोशल मीडिया के जरिए गिरोह से जुड़े संदेश और जबरन वसूली की धमकियां पोस्ट करने का आरोप बताया गया है। रिपोर्ट में उसके पानीपत से संबंध और सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद कनाडा के रास्ते अमेरिका जाने का भी उल्लेख है।
वहीं, रिपोर्ट में टाइसन बिश्नोई को सार्वजनिक हस्तियों को ऑनलाइन धमकियां देने, हरि बॉक्सर को कथित जबरन वसूली की गतिविधियों और हरमन संधू को विदेशों से लॉजिस्टिक्स के समन्वय से जोड़कर बताया गया है।
हरियाणा की वारदातों में भी सामने आए नाम
रिपोर्ट में हिमांशु सोनीपत का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि उसने हरियाणवी गायक दिलेर खड़किया की रेंज रोवर पर हुई गोलीबारी और 20 अगस्त को हिसार कोर्ट परिसर के बाहर गैंगस्टर विनोद काना की हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
इन घटनाओं के संदर्भ में सामने आए दावों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्थापित किया जा सकता है।
साबरमती जेल में बंद लॉरेंस, लेकिन नेटवर्क पर सवाल बरकरार
लॉरेंस बिश्नोई के जेल में बंद होने के बावजूद उसके गिरोह की कथित अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई सवाल हैं। अगर रिपोर्ट में बताए गए नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि होती है, तो यह जांच का अहम पहलू होगा कि जेल में बंद सरगना और विदेशों में मौजूद सहयोगियों के बीच संपर्क किस तरह कायम रखा जाता है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में कथित शैडो कैबिनेट की संरचना, उसके सदस्यों की वास्तविक भूमिका और अलग-अलग वारदातों से उसके संबंधों की पुष्टि जांच एजेंसियों के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।















