नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में यूएपीए के तहत जेल में बंद कार्यकर्ता शरजील इमाम को बड़ी राहत देते हुए चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने शरजील इमाम को 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत दी है।
कब हुई थी गिरफ्तारी?
बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में शरजील इमाम जेल में बंद है। उसे इस मामले में 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया गया था।
हाई कोर्ट में सुनवाई 30 सितंबर तक टली
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को 2020 के दिल्ली दंगा मामले में कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की नियमित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 30 सितंबर तक टाल दी थी। दिल्ली पुलिस की ओर से सुनवाई टालने की मांग की गई थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस दिनेश भट्ट की बेंच ने सोमवार को इस बारे में फैसला लिया। दिल्ली पुलिस की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की तबीयत ठीक नहीं होने की वजह से सुनवाई को स्थगित करने का आग्रह किया गया था।
मार्च में भी मिली थी अंतरिम जमानत
गौरतलब है कि दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को इसी साल मार्च महीने में 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। कोर्ट ने शरजील को 20 मार्च से 30 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दी थी, ताकि वह अपने छोटे भाई की शादी में शामिल हो सके और अपनी बीमार मां की देखभाल कर सके।
कड़ी शर्तों के साथ मिली थी जमानत
इस दौरान जमानत कुछ कड़ी शर्तों के साथ दी गई थी। एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेयी ने शरजील को यह अस्थायी राहत देते हुए निर्देश दिया था कि वह 50,000 रुपये का निजी मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करे। अदालत ने उन पर कुछ कड़ी पाबंदियां भी लगाई थीं, जिनमें अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान मीडिया से बातचीत करने की मनाही थी। साथ ही सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई थी।












